आयुष्मान भारत योजना के बारे में
(1)
आयुष्मान भारत योजना
भारत शासन
द्वारा केन्द्रीय वित्त बजट 2018 में आयुष्मान भारत की घोषणा की गई है, जिसके दो मुख्य स्तंभ हैं, देश में एक लाख हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स
स्थापित करना एवं 10 करोड़ परिवारों
को रूपये 5.00 लाख प्रतिवर्ष
के स्वास्थ्य बीमा कवच से जोड़ना ।
आयुष्मान भारत योजना के मुख्य पहलू निम्नानुसार हैं:-
·
योजना में सामाजिक, आर्थिक जाति जनगणना(SECC) में चिन्हित D-1 से D-7(D-6 को छोड़कर) वंचित श्रेणी के ग्रामीण परिवार
सम्मिलित होंगे एवं चिन्हित व्यवसाय-आधारित शहरी परिवार सम्मिलित रहेंगे। साथ ही
कुछ श्रेणियों के परिवार स्वत: ही समावेशित रहेंगे।
·
आयुष्मान भारत मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा
मिशन के तहत् सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना (SECC) में चिन्हाकिंत लाभार्थियों के अतिरिक्त, म.प्र. शासन द्वारा यह
निर्णय लिया गया है कि खाद्य सुरक्षा में प्रदाय पात्रता पर्ची एवं असंगठित
क्षेत्र के मजदूरों को भी शामिल किया जावे। आगामी समय में अन्य योजनाओं के
हितग्राहियों या समाज के अन्य वर्गों को भी इस योजना में शामिल किये जाने पर
विचार किया जावेगा।
आयुष्मान भारत
योजना के लाभार्थी-
> SECC के चिह्नित
परिवार
|
स्वत: (Automatic) समावेशित
परिवार |
3,96,787 |
|
क्र.1 से क्र. 7 (क्र. 6 को छोड़कर)
वंचित श्रेणी के ग्रामीण परिवार |
63,94,323 |
|
Occupation आधारित शहरी
परिवार |
15,90,672 |
|
कुल SECC परिवारों की
संख्या |
83,81,782 |
> NFSA के परिवार
> संबल पात्र
परिवार
> कुल संभावित पात्र परिवार – 1.08 करोड़ परिवार
·
सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना (SECC) में चिन्हाकिंत लाभार्थियों के उपचार हेतु
भारत सरकार द्वारा 60 प्रतिशत तथा
राज्य शासन द्वारा 40 प्रतिशत व्ययभार
वहन किया जावेगा। म.प्र.शासन द्वारा उक्त योजना में जोड़े जा रहे
लाभार्थियों के उपचार पर व्यय होने वाली 100 प्रतिशत राशि वहन की जावेगी।
(2) दीन दयाल स्वास्थ्य
सुरक्षा परिषद (DDSSP) “निरामयम”
आयुष्मान भारत
मिशन योजना को प्रदेश में लागू करने हेतु मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण
अधिनियम 1973 के अंतर्गत,''दीन दयाल स्वास्थ्य
सुरक्षा परिषद (Deen
Dayal Swasthya Suraksha Parishad)''का पंजीयन
दिनांक 07
जुलाई 2018 को किया गया है,जिसका पंजीयन
क्रमांक 01/01/01/34127/18
है । यह परिषद
स्टेट हेल्थ एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है,जिसके अंतर्गत
इस योजना का सम्पूर्ण क्रियान्वयन करायेगा।
''दीन दयाल स्वास्थ्य
सुरक्षा परिषद (DDSSP)
निरामयम'' के वर्तमान में
संचालन हेतु ''आई.ई.सी. ब्यूरो'', जय प्रकाश
चिकित्सालय परिसर,
भोपाल में कार्य
प्रारंभ कर दिया गया है ।
''दीन दयाल स्वास्थ्य
सुरक्षा परिषद (Deen
Dayal Swasthya Suraksha Parishad)''में निम्नानुसार 3 काउंसिल का गठन किया गया है:-
1. सलाहकार परिषद-(Advisory Council)
2. गर्वनिंग परिषद(GoverningCounsil)
कार्यकारी परिषद
(Executive
Counsil)
(3) बैंक खाता
योजना के संचालन
हेतु,
खुली प्रतिस्पर्धा
के माध्यम से बैंक का चयन करए परिषद का बचत बैंक खाता, ICICI Bank में खोला गया है
। इस बैंक खाते में योजना का केन्द्रांश एवं राज्यांश जमा होगा । केन्द्रांश की
प्राप्ति हेतु उक्त बचत बैंक खाते को पीएफएमएस से लिंक किया गया है । उक्त बचत
खाते में योजना के संचालन हेतु समस्त वांछित आई.टी. साल्यूशन्स बैंक द्वारा स्वयं
के व्यय पर उपलब्ध कराये जावेंगे ।
(4) ट्रांजेक्शन
एडवाईजरी टीम (TAT) की नियुक्ति-
योजना के
क्रियान्यवन हेतु निक्सी (NICSI) द्वारा अनुमोदित दरों पर केपीएमजी से 05 सलाहकार लिये गए है, जो कि हेल्थ केयर एक्सपर्ट, इंश्योरेंस एक्सपर्ट(हेल्थ सेक्टर) आई.टी. सिस्टम एनालिस्ट, एक्सपर्ट इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट तथा एक्सपर्ट
इन कान्ट्रेक्ट मैनेंजमैंट है ।
(5) इम्प्लीमेंट
सपोर्ट ऐजेंसी (ISA)
इम्प्लीमेंट
सपोर्ट ऐजेंसी(ISA)
की नियुक्ति
हेतु दिनांक 15.08.2018 को ई-निविदा
जारी की गई है
जिसके आधार पर
पारदर्शिता अपनाकर विडाल हेल्थ इन्सुरेंसे कंपनी का चयन हुया है ।
प्रारंभिक रूप
से एजेंसी की नियुक्ति 02 वर्ष के लिये
होगी तत्पश्चात् कार्य आंकलन उपरांत इस अवधि को अधिकतम 01 वर्ष और बढ़ाया जा सकेगा। इम्प्लीमेंट
सपोर्ट ऐजेंसी(ISA)
द्वारा किये जा
रहे कार्यों का अंकेक्षण(ऑडिट) किये जाने हेतु थर्ड पार्टी ऑडिटर (Third Party Auditor) की नियुक्ति
आनलाईन निविदा प्रक्रिया अपनाकर पारदर्शीपूर्ण ढंग से की जावेगी ।
(6) जिला
क्रियान्वयन इकाई (DIU)
आयुष्मान भारत
के सफल क्रियान्वयन हेतु भारत शासन के निर्देशानुसार जिला क्रियान्वयन इकाई (DIU) का गठन
निम्नानुसार किया गया है जिसमें पूर्व से कार्यरत अधिकारियों को अपने वर्तमान
दायित्वों के साथ साथ DIU
में उनके
पदनामों के समक्ष उल्लेखित पदों के कर्तव्यों का भी निर्वाहन करेंगे ।
DIU जिसमें निम्न अधिकारी सम्मिलित होंगे:-
·
जिला कलेक्टर - अध्यक्ष,
·
जिला मलेरिया अधिकारी –
जिला नोडल
अधिकारी
·
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (NHM) - जिला कार्यक्रम समन्वयक
·
जिला इ-गवर्नेंस मेनेजर - जिला संसूचना प्रणाली प्रबंधक
·
जिला मीडिया अधिकारी - जन शिकायत निवारण प्रबंधक
·
जिला कम्युनिटी मोबिलाईज़र - जिला कार्यक्रम सह-समन्वयक
(7)
एम्पनेल्मेंट प्रक्रिया
संचालक अस्पताल
प्रशासन की अध्यक्षता में पैनल स्वीकृति बोर्ड का गठन किया गया है । समस्त
शासकीय चिकित्सालयों,
शासकीय चिकित्सा
महाविद्यालयों,
निजी चिकित्सालयों, निजी चिकित्सा महाविद्यालयों आदि के इस
योजना में इमपेनलमेंट/पंजीयन संबंधी कार्यवाही भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप
आनलाईन संपादित आनलाईन संपादित किये जाने का कार्य किया जा रहा है एवं डी.पैनल
प्रक्रिया का निर्धारण किया जा रहा है ।
प्रथम चरण में
सभी जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों को स्वतरू एम्पनेल्ड समझा गया है
।
द्वितीय चरण में
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सी.एच.सी.) को योजना से संबद्ध किये जाने का
लक्ष्य रखा गया है ।
तृतीय चरण में PHC को योजना से संबद्ध किये जाने का लक्ष्य रखा
गया है ।
निजी अस्पतालों
के लिए निम्न मापदंड भारत शासन द्वारा निर्धारित हैं-
एनएबीएच सम्बधता,
न्यूनतम 10 बिस्तर
नर्सिंग होम
नियम 1972
का अनुपालन
सुपर स्पेशलिटी
के लिए एनएचए द्वारा जारी सभी प्रासंगिक मानदंड
ट्रस्ट /
एन.जी.ओ. के एम्पेनेल्मेंट शासन स्तर पर गठित समिति द्वारा निर्णय कर लिया जाएगा
(8)
इलाज हेतु नियत पैकेज
इलाज पर अस्पताल
मनमाने तरीके से वसूली न कर सकें और लागत नियंत्रण (Cost Control) रखा जा सके इसके
लिए इलाज संबंधी Package
Rate तय किए गए हैं।
ये पैकेज रेट सरकार ने पहले ही तय कर दिये हैं । आयुष्मान भारत योजना के रेट में
इलाज संबंधी सभी तरह के (दवाई, जांच,
ट्रांसपोर्ट, इलाज पूर्व, इलाज पश्चात के खर्चे) व्यय शामिल होंगे, जिसमे 23 स्पेशिऐलिटीज़ के कुल 1350 पैकेजेसए शासकीय
चिकित्सालय हेतु 472
आरक्षित पैकेजेस
साथ ही अतिरिक्त पैकेज की सुविधा और 10 दिन का फॉलोअप भी शामिल हैं ।
(9)
क्लेम का भुगतान
शासकीय एवं निजी
चिकित्सायलय उपचार समाप्त होने के 10 दिवस के अंदर क्लेम समस्त आवश्यक अभिलेखों
एवं जांच रिपोर्टों सहित इम्लीमेंट सपोर्ट ऐजेंसी (ISA) को प्रस्तुत करेंगे एवं इम्लीमेंट सपोर्ट
ऐजेंसी द्वारा आनलाईन प्राप्त सभी क्लेम का 15 दिवस के अंदर परीक्षण किया जाकर अपनी अंतिम
अनुशंसा सहित स्टेट हेल्थ् सोसायटी (SHA) अर्थात “दीन दयाल स्वाथ्य सुरक्षा परिषद-निरामयम” को प्रस्तुत करेगी। परिषद द्वारा 05 दिवस के अंदर संबंधित चिकित्सालयों को
आनलाईन माध्यम से उनके बैंक खातों में क्लेम का भुगतान किया जावेगा। इस प्रकार क्ले्म
संबंधी संपूर्ण प्रक्रिया 30
(तीस) दिवस में
पूर्ण होगी ।
(10)
हेल्प डेस्क
आयुष्मान भारत
योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन (AB-NHPM) से संबंधित समस्त
चिकित्सालयों में हेल्प डेस्क बनाया गया है जिससे कि योजना में शामिल लाभार्थी परिवारों
को एक ही स्थान पर समस्त जानकारी प्राप्त हो सके एवं उन्हें उपचार प्राप्त
करने में कोई कठिनाई नहीं हो ।
(11)
योजना का लांच
आयुष्मान भारत
योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन (AB-NHPM) को प्रथम चरण
में प्रदेश के 08 जिलों तथा 02 मेडिकल कॉलेज में योजना का पायलट लॉन्च
दिनांक 15.08.2018 को कर दिया गया
है द्वितीय चरण में प्रदेश के 21 जिलों में 27.08.2018 से तथा शेष 22 जिलों तथा शेष शासकीय मेडिकल कॉलेजों में 10.09.2018 से योजना का
पायलट लान्च किया गया। संपूर्ण प्रदेश में योजना का क्रियान्वयन दिनांक 23.09.2018 को प्रांरभ
किया गया।
|
(i) माननीय मुख्यमंत्री
जी |
अध्यक्ष |
|
(ii) माननीय स्वास्थ्य
मंत्री जी |
सह अध्यक्ष |
|
(iii) माननीय मंत्री
जी - वित्त विभाग |
सदस्य |
|
(iv) माननीय मंत्री
जी - पंचायत एवं
ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय
एवं नि:शक्तजन कल्याण |
सदस्य |
|
(v)माननीय मंत्री
जी - जनसंपर्क
संसदीय कार्य |
सदस्य |
|
(vi) माननीय मंत्री
जी - खाद्य, नागरिक
आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, श्रम |
सदस्य |
|
(vii) माननीय मंत्री
जी - महिला एवं
बालविकास |
सदस्य |
|
(viii)माननीय मंत्री
जी - चिकित्सा
शिक्षा विभाग |
सदस्य |
|
(ix) प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, लोक स्वा.
एवं परि. कल्याण विभाग |
सदस्य सचिव |
नीतिगत
परिषद (Policy Council) के अधिकार एवं
कार्यक्षेत्र-
योजना
में नवीन हितग्राहियों को जोड़ जाने तथा योजना के क्रियान्वयन से संबंधित अन्य जो
भी नीतिगत निर्णय होंगे वह इस परिषद् द्वारा लिये जावेंगे। इस परिषद् द्वारा लिये
गये नीतिगत निर्णयों के अनुरूप गवर्निंग परिषद् (Govering
Council) द्वारा किया जावेगा।
|
(i) मुख्य सचिव, म.प्र. शासन (ii) अपर मुख्य सचिव, म.प्र. शासन,वित्त (iii) अपर मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण |
अध्यक्ष |
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सदस्य |
|
|
सदस्य |
|
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(iv) अपर मुख्य सचिव,म.प्र.शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग, (v) प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, जनसंपर्क संसदीय कार्य |
सदस्य |
|
सदस्य |
|
|
(vi) प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, श्रम vii) प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, महिला एवं बालविकास |
सदस्य |
|
सदस्य |
|
|
(viii)
प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, लोक स्वा. एवं परि. कल्याण विभाग |
सदस्य सचिव |
गर्वनिंग परिषद
(Governing
Council) के
अधिकार एवं कार्यक्षेत्र-
·
योजना
के क्रियान्वयन हेतु गवर्निंग बॉडी का परिषद (निरामयम) के संपूर्ण कार्यकलापों पर
नियंत्रण होगा। वार्षिक योजना का अनुमोदन प्रदान किया जावेगा। परिषद की वित्तीय
स्थिति एवं संसाधनों की समीक्षा की जावेगी । परिषद के लिये निधि एवं दान प्राप्त
किया जा सकेगा तथा ग्रांट प्रदान किये जाने की स्वीकृत दी जा सकेगी। कार्यकारी
परिषद, अध्यक्ष
कार्यकारी परिषद तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी/सदस्य सचिव कार्यकारी परिषद को
अधिकार प्रदत्त किये जावेंगे। विभिन्न स्तर की कमेटी/सब कमेटी गठित की जा सकेगी।
परिषद के निर्वाध रूप से संचालन हेतु कार्यकारी परिषद को भर्ती एवं नियुक्ति हेतु
नियम बनाने एवं भर्ती एवं नियुक्ति के अधिकार प्रदान किये जावेंगे। विशेष
परिस्थिति में अध्यक्ष गर्वनिंग बॉडी द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा एवं गर्वनिंग
बॉडी की आगामी बैठक में अनुसमर्थन हेतु प्रकरण रखा जावेगा।
·
गर्वनिंग
बॉडी की वार्षिक बैठक में परिषद के पूर्व वित्तीय वर्ष के आय-व्यय लेखे एवं बैलेंस
शीट प्रस्तुत होंगे। वार्षिक अंकेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत होगी। आगामी वर्ष का एक्शन
प्लान प्रस्तुत होगा। एक्सीक्यूटिव कमेटी की नियुक्ति की जावेगी । अन्य कोई विषय
अध्यक्ष की अनुमति से वार्षिक बैठक में प्रस्तुत हो सकेगा तथा वार्षिक बैठक में
वार्षिक अंकेक्षण रिपोर्ट एवं आवश्यकतानुसार वित्तीय निर्णयों के निगरानी अनुपालन
का अनुमोदन होगा।
कार्यकारी परिषद
|
(i)प्रमुख सचिव,म.प्र. शासन,लोक स्वा. एवं परि. कल्याण विभाग |
अध्यक्ष |
|
(ii)स्वास्थ्य
आयुक्त,संचालनालय स्वास्थ्य
सेवायें |
सह अध्यक्ष |
|
(iii)संचालक,स्वास्थ्य सेवायें, |
सदस्य |
|
(iv)मुख्य
कार्यपालन अधिकारी,दीन दयाल स्वास्थ्य
सुरक्षा परिषद |
सदस्य सचिव |
|
(v)कार्यपालन
अधिकारी(प्रशासन),दीन दयाल स्वास्थ्य
सुरक्षा परिषद |
सदस्य |
|
(vi)वित्त
अधिकारी,दीन दयाल स्वास्थ्य
सुरक्षा परिषद |
सदस्य |
|
(vii) कार्यपालन
अधिकारी(ऑपरेशन),दीन दयाल स्वास्थ्य
सुरक्षा परिषद |
सदस्य |
|
(viii) अध्यक्ष,दीन दयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद द्वारा नामित अन्य अधिकारी |
सदस्य |
दीन दयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद (DDSSP) “निरामयम” आयुष्मान भारत मिशन योजना को प्रदेश में लागू
करने हेतु मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्री करण अधिनियम 1973 के अंतर्गत, ‘‘दीन दयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद (Deen Dayal Swasthya
Suraksha Parishad)‘‘ का पंजीयन दिनांक 07
जुलाई 2018 को किया गया है, जिसका पंजीयन क्रमांक 01/01/01/34127/18 है (समिति का पंजीयन प्रमाण पत्र)। यह परिषद
स्टेट हेल्थ एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत इस योजना का पूर्ण क्रियान्वयन
करने का दायित्व है। ‘‘दीन दयाल
स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद (DDSSP)
निरामयम‘‘ योजना का कार्यालय ‘‘आई.ई.सी. ब्यूरो‘‘, जय प्रकाश चिकित्सा परिसर, भोपाल में स्थापित है।
दीन दयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद हेतु संगठनात्मक सरंचना शासन द्वारा
स्वीकृत की गयी है।
नेशनल हेल्थ एजेंसी के द्वारा SHA को निम्न जिम्मेदारियां सौंपी गयी है-
DDSSP के अंतर्गत एसएचए/कार्यान्वयन सहायता एजेंसी
(आईएसए) के कर्मचारियों के माध्यम से निम्नलिखित गतिविधियां करेगा-
·
एबी-एनएचपीएम के तहत सेवाओं के वितरण से
संबंधित सभी महत्वपूर्ण कार्यों को एसएचए द्वारा किया जाएगा। डेटा साझाकरण, परिवारों और सदस्यों का सत्यापन/वैधता, जागरूकता निर्माण निगरानी इत्यादि।
·
राज्य स्वास्थ्य संरक्षण के नीति संबंधी
मुद्दों और इससे जुड़ाव की योजना।
·
निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कार्यान्वयन
सहायता एजेंसियों का चयन।
·
समुदाय में जन जागरूकता उत्पन्न करना।
·
आधार से लिंक करना और हितग्राही के बी.आई.एस-
तैयार करना। मान्य एबी-एनएचपीएम लाभार्थी को ई-कार्ड प्रिंट देना।
·
मानदंडों को पूरा करने वाले नेटवर्क
अस्पतालों को पैनल करना।
·
स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं द्वारा प्रदान की
जानेवाली सेवाओं की निगरानी
·
धोखाधड़ी और दुव्र्यव्हार प्रदाताओं के खिलाफ
दण्डात्मक कार्रवाई करना एवं उनको नियंत्रित करना।
·
Pre-auth
की निगरानी एवं ISA द्वारा अनुमोदित अस्पतालों से प्राप्त क्लेम
के अनुमोदन की निगरानी करना।
·
पैकेज मूल्य का मूल्य संशोधन या एबी-एनएचपीएम
सूची का अनुकूलन
·
राज्य की आवश्यकताओं के लिए सूचीबद्ध उपचारों
के लिए एबी-एनएचपीएम उपचार प्रोटोकॉल को अपनाना, आवश्यकतानुसार एनएचए के परामर्श से परिचालन
दिशा निर्देशों को अनुकूलित करना।
·
जहां आवश्यक हो शिकायत निवारण समितियां बनाना
और शिकायत निवारण समारोह की देख रेख करना।
·
क्षमता विकास योजना और उपक्रम क्षमता विकास।
·
पूर्व नीतिगत परिवर्तनों के प्रस्तावों का
विकास- उदाहरण के लिए सार्वजनिक प्रदाताओं के लिए प्रोत्साहन प्रणाली और
कार्यान्वयन
·
स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से मूल्यांकन
·
राज्य वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा
योजना के साथ एबी-एनएचपीएम का अभिसरण एबी-एनएचपीएम के साथ राज्य योजना का गठबंधन
·
जिला स्तर पर क्रियान्वयन इकाई की स्थापना
एवं नियन्त्रण।
·
कार्यान्वयन की स्थिति के आधार पर नियमित
समयानुसार रिपोर्ट तैयार करना
·
राष्ट्रीय मार्गदर्शन के तहत आशा श्रमिकों और
सार्वजनिक प्रदाताओं के लिए प्रोत्साहन प्रणाली लागू करना
·
डाटा मैनेजमेन्ट
योजना के
तहत पात्र परिवार को मिलने वाले लाभ
·
प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक के
नि:शुल्क उपचार का लाभ
·
योजना से संबद्ध देशभर के किसी भी चिह्नित
सरकारी या निजी अस्पताल में मुफ्त ईलाज की सुविधा
·
भर्ती होने से 7 दिन पहले तक की जांचें, भर्ती के दौरान उपचार व भोजन और डिस्चार्ज
होने के 10 दिन बात तक का
चेकअप व दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध
योजना के तहत
अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कोरोना, कैंसर, गुर्दा रोग, हृदय रोग, डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया डायलिसिस, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण, नि:संतानता, मोतियाबिंद और अन्य चिह्नित गंभीर
बीमारियों का नि:शुल्क उपचार इस योजना के तहत किया जाता है। मुख्यमंत्री कोविड-19 उपचार योजना
के तहत भी पात्र लाभार्थियों का नि:शुल्क उपचार किया जाता है।
कैसे और कहां
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समग्र आईडी के साथ एक पहचान पत्र (आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, सरकारी पहचान पत्र) ले जाएं।
2. कॉमन सर्विस
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3. चिह्नित ग्राम
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संबद्ध अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आयुष्मान मित्र के माध्यम से
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5. भर्ती के समय
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(https://mera.pmjay.gov.in/search/login)
सूचना
हेल्पलाइन-
·
आयुष्मान मध्यप्रदेश हेल्पलाइन नंबर- 18002332085
·
आयुष्मान भारत हेल्पलाइन नंबर- 14555
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डायरेक्टरी-
·
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) Click Here
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सिविल सर्जन(CS) Click Here
·
आई.एस.ए- विडाल हेल्थ इनश्योरेंस
टी.पी.ए. स्टेट प्रोजेक्ट टीम Click Here
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